Wednesday, 29 June 2016

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लोकतंत्र में चाकु-छुरी, बंदुक-गोली जायज हथियार नहीं माने जाते.....
लोकतंत्र में तो ‘जानकारी' सबसे बडा हथियार है....
और हथियार की तरह जानकारी का उपयोग और प्रयोग करना चाहिए

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