Tuesday, 26 July 2016

हमारी एकता को खतरा किससे ? - रिहाई मंच


लखनऊ, 25 जुलाई 2016। रिहाई मंच द्वारा सोमवार को शहर के जयषंकर प्रसाद हाॅल में लखनऊ यूनिट सम्मेलन तथा ईद मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर लखनऊ यूनिट के महासचिव, अध्यक्ष व सचिव चुने गए।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए रिहाई मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शुऐब ने कहा कि रिहाई मंच की कोषिष है कि देष के इमानदार राजनैतिक लोगों को जोड़कर जनविरोधी सरकारों के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जाए। हमारी यह समझ है कि समाज की सारी समस्याएं और पूरे झगड़े सियासत की ही देन हैं। जब तक कि हम सियासत पर कब्जा नहीं करते हमारी समस्याओं का कोई हल नहीं है। फासीवाद के बढ़ते खतरों के बावजूद आज भी हम अपनी कोषिष लगातार जारी रखे हुए हैं। आज बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने देष को लूट रही हैं, उनमें हमारे अपने लोग भी शामिल हैं। वे इन कंपनियों के दलाल बन गए हैं। आज इन कंपनियों के फायदे के लिए ये पार्टियां अपने देष के लोगों से झूठे वादे कर रही हैं। रिहाई मंच ऐसे झूठे निजाम के खिलाफ हर जिले में इकाई बना कर संघष करने की रणनीति बना रहा है। यह सम्मेलन हमारे इस मकसद के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।



सम्मेलन को संबोधित करते हुए रिहाई मंच नेता मसीहुद्दीन संजरी ने कहा कि बन्धुत्व और एकता के रूप में बीसवीं सदी में उपजे आंदोलन को अब इस मुल्क में गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हमारे मुल्क में सांप्रदायिकता और जातिवाद के आधार पर पर लोगों को बांटा जा रहा है इसके खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा।
लखीमपुर जिले के मोहम्मदी गांव से आए सिद्दीकयार खान ने उस वाकए को याद किया जिसमें पुलिस द्वारा एक हत्याकांड का फर्जी खुलासा करते हुए स्थानीय थाना प्रभारी ने निर्दोष नौजवानों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस पूरे मामले में रिहाई मंच के आंदोलन के बाद थाना प्रभारी पर कारवाई करते हुए थाना प्रभारी का स्थानंतरण किया गया।

मुरादाबाद से आए रिहाई मंच नेता सलीम बेग ने कहा कि सपा सरकार ने अपना एक भी वादा प्रदेष की आवाम से पूरा नहीं किया। यही हाल नरेन्द्र मोदी सरकार का भी है। खुफिया एजेंसियां इस मुल्क में मुसलमानों को आतंकित करके झूठी गिरफ््तारियां कर रही हैं, यह बहुत खतरनाक है। उन्होंने कहा कि मुजफ््फरनगर में धर्म के नाम पर लोगों को मारा गया, रेप हुए लेकिन सपा सरकार ने कुछ नहीं किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नागरिक परिषद के मोहम्मद मसूद ने कहा कि अगर हमें मौजूदा दौर की सियासत को समझना है तो हमें सत्ता में पूंजी के खेल को समझना होगा। आवारा पूंजी ने फासीवाद की बढोत्तरी में अपनी खास भूमिका निभाई है।
आरटीआई कार्यकर्ता उर्वषी शर्मा ने कहा कि आज पूरे समाज के लोगों को आपस में लड़ाया जा रहा है। आज राजनैतिक दल आम जनता में आपसी संघर्ष करवाने पर आमादा है। पूरी राजसत्ता आम जनता को बेवकूफ बना रही है।



’हमारी एकता को खतरा किससे’ विषय पर आयोजित सम्मेलन का संचालन शबरोज मोहम्मदी ने किया। सम्मेलन में रिहाई मंच लखनऊ यूनिट के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। जिसमें अमित मिश्रा को अध्यक्ष, रफत फातिमा और षकील कुरैषी को महासचिव, उपाध्यक्ष अबू अषरफ, विरेंद्र गुप्ता और मोहम्मद जमालुद्ीन, सचिव जियाउद्दीन, रफीक सुल्तान खान, अबूजर किदवई और डाॅ आफताब खान, प्रवक्ता अनिल यादव और सोषल मीडिया प्रवक्ता षबरोज मोहम्मदी और मौलाना इरषाद को चुना गया।

सम्मेलन में श्रृजन योगी आदि योग, आॅल इंडिया वर्कस काउंसिल के रामकृष्ण, ओपी सिनहा, अली अहमद कासमी, फैजाबाद से गुफरान, इलाहाबाद से एडवोकेट संतोष सिंह, दिनेश चैधरी, अतहर हुसैन, दीपक सिंह, हरे राम मिश्र, शम्स तबरेज, डाॅ मजहरहुल हक, आजमगढ़ से विनोद यादव, सरफराज अंसारी, सैयद फारूक, डाॅ. अहमद रजाघ् खान जिला पंचायत सदस्य प्रतापगढ़ मैसाद अहमद, मोनिस अंसारी, शादाब खान, डाॅ इमरान खान, सत्येन्द्र कुमार, फैज बारी, सादिक, जमशेद वारसी, गोपांल प्रसाद, मो. आजम खान, फारूक अहमद, हादी, मुमताज अहमद, रफीउद्दीन, के के शुक्ला, मो. राशिद, लक्ष्मण प्रसाद, सिद्दीक यार खां, आसिफ सिद्दीकी, लताफत अली समेत कई लोग मौजूद थे।

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