Thursday, 8 September 2016

गैरकानूनी देवदासी प्रथा को बढ़ावा देने का षडयंत्र- दिलीप मंडल




भारत के जानेमाने वरिष्ठ विद्रोही पत्रकार दिलीप मंडल ने और एक सनसनीखेज खुलासा अपने फेसबुक वाल पर करते हुए कहा के दिल्ली में कल एक डांस शो होगा. जिसमें बताया जाएगा कि देवदासी प्रथा कितनी अच्छी चीज थी, इससे आत्मा किस तरह समृद्ध होती थी और सब कुछ गड़बड़ इसलिए हो गया कि देवदासी प्रथा पर कानूनी रोक लग गई... इतनी ही अच्छी प्रथा थी तो पूरे इतिहास में किसी सवर्ण देवदासी का जिक्र क्यों नहीं है. पुजारियों की यौन इच्छा को अनैतिक तरीके से पूरी करने की इस प्रथा का नाश हो, क्योंकि छिप-छिपाकर यह अब भी कई मंदिरों में चल रही है.



यह कार्यक्रम कानून का उल्लंघन है और महिला आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए.
इस कानून में पांच साल तक की कैद का प्रावधान है.

यह रहा कार्यक्रम का निमंत्रण 
- This dance presentation offers an understanding of the controversial lives of Devadasis, who were temple dancers of ancient India, and were 'ritually wedded ' to the Lord. Originally held in high esteem, their status degenerated to a point where temple dancing was legally banned and they were forced into oblivion. But a dance that enriches the soul and uplifts the spirits, could not be held back. The Devadasis were eventually able to reinstate their divine art..





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