Monday, 10 October 2016

ओड़िसा में 50 हजार जानवरों की बलि, फिरभी नहीं गया कोई सुप्रीम कोर्ट

भवानीपटना। ओडिशा सरकार के प्रतिबंध और सार्वजनिक जागरूकता अभियान को नजरअंदाज करते हुए खुद को भक्त कहने वाले उन्मादी लोगों ने रविवार को 50,000 जानवरों और पक्षियों की बलि दे दी। ऐसा मीनाक्षी देवी को वार्षिक ‘छत्र यात्रा’ पर देवी को खुश करने के लिए किया गया।



जिला प्रशासन ने भी पशु बलि से बचने के लिए लोगों से अपील की थी। सीसीटीवी कैमरे लगाए और ड्रोन कैमरे लगाए जाने के बावजूद भी लोगों ने दोपहर तक जानवरों और पक्षियों की बलि दी। भारी मात्रा में पुलिस की तैनाती के बावजूद भी पशु बलि को रोका नहीं जा सका।

नीय लोगों का तर्क है कि छत्र यात्रा के दौरान पशु बलि लंबे समय से देते आ रहे हैं। यह उनकी धार्मिक परंपरा है और सरकार का प्रतिबंध उनके धर्म के अधिकार का उल्लंघन करता है। जानकारी के अनुसार, करीब 1.5 लाख से अधिक लोगों ने इस वार्षिक समारोह में शिरकत की और पीठासीन देवी की यात्रा के दौरान उनकी झलक देखी।



कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों की 11 प्लाटून तैनात का गई थी। इसके अलावा 41 सब इंसपेक्टर, 15 इंस्पेक्टर, पांच डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस, एक एडिशनल एसपी को त्योहार के लिए तैनात किया गया था।

कोई भी राजनीतिक दल स्थानीय लोगों को नाराज नहीं करना चाहता था, इसलिए उन्होंने इस पशु बलि के खिलाफ अपनी आवाज नहीं उठाई और न ही कानून को लागू कराने के लिए प्रशासन के प्रयास में उनका सहयोग किया।



(लोकभारत से)

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