Wednesday, 5 October 2016

डोभाल साहब ... ! मीडिया टीआरपी का भूखा है - दिलीप माडल




वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने हाल ही में इस बात को साबित कर दिखाया था की सबसे आगे सोशल मीडिया चल रहा है और उसके पीछे इलेक्ट्रॉनिक नेशनल मीडिया. क्यूंकि कई सारे आन्दोलन ऐसे भी हो रहे है जिसको मीडिया कवरेज नहीं दे रहा लेकिन लाखो की संख्या में लोग आन्दोलन करने को रास्ते पर उतरने लगे. यह सब सोशल मीडिया का कमाल है. सोशल मीडिया फेसबुक प्रोफाइल पर मंडल ने एक बहुत ही जरुरी राय दी है जो देश हि९त के लिए बहुत ही मायने रखती है. और इसपर अमल करना यह बड़ी तादाद को लोगो को लगता है. हम अपने पाठको से भी राय चाहत है दिलीप मंडल के इस बात पर. अपनी राय देना ना भूले.




अजित डोभाल साहेब से एक नागरिक की अपील

आज से 17 साल पहले तब की बीजेपी सरकार ने एक गलती की थी, जिसकी कीमत सैकड़ों जिंदगियों के रूप में देश अब भी चुका रहा है. 


IC 814 प्लेन पर सवार 176 यात्रियों और 15 क्रू मेंबर्स की जिंदगी बचाने के लिए जिन तीन आतंकवादियों को केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह कांधार छोड़कर आए थे, उनमें मसूद अजहर और उमर शेख शामिल था, जिन्होंने न जाने कितनी हत्याओं को बाद में अंजाम दिया. अब भी भारत उस गलती की कीमत चुका रहा है.

उन्हें छोड़ना गलत था, इस बात को अजित डोभाल से बेहतर कौन समझ सकता है?

डोभाल साहेब उस समय इंटिलिजेंस ब्यूरो में थे और आतंकवादियों से बातचीत करने के लिए जो पांच अफसर लगाए गए थे, वे उनमें से एक थे. 27 दिसंबर, 1999 को वे कांधार गए थे.

तब की सरकार ने जो फैसला किया, वह इतिहास है. उसकी आलोचना करने से अब कुछ हासिल नहीं होगा.

अब उन्हें एक और फैसला करना है. सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो के बारे में.

डोभाल साहेब,
इस बार नहीं. पिछली बार भी मीडिया ने बेगुनाह जिंदगियां बचाने के नाम पर हल्ला मचाया और सरकार दबाव में आ गई. इस बार भी सबूत मांगने वाले शोर मचा रहे हैं. शोर मचाने वाले अबोध हैं.

मीडिया अबोध है.
वहां ज्यादातर लोग अनपढ़ हैं.
मीडिया TRP का भूखा है.
उसे सनसनी चाहिए.
उस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है.

प्लीज, वीडियो जारी करने की गलती न करें. खुफिया ऑपरेशन की वीडियो जारी करना बेतुकी बात होगी. इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं.

एक साधारण नागरिक के तौर पर उसके नतीजों का हम अंदाजा ही लगा सकते हैं. लेकिन अगर सरकार ने वीडियो जारी न करने का फैसला किया है, तो पूरे देश को सरकार के साथ एकजुट होना चाहिए.

कांधार में एक बार गलती हो गई. इस बार गलती हुई तो इतिहास माफ नहीं करेगा.

फोटो - इंडियन एक्सप्रेस से साभार



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