Monday, 23 March 2020

अगर यह नहीं किया तो 50 लाख होंगे CoronaVirus के शिकार - WHO

अगर यह नहीं किया तो 50 लाख होंगे CoronaVirus के शिकार
नई दिल्ली : भारत में जिस रफ्तार से CoronaVirus के मामले बढ़ रहे हैं । उसके और W.H.O के मुताबिक अगर ऐसा ही रहा तो भारत में मई के अंत तक 10 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं । और 30,000 से ज्यादा लोग मारे जा सकते है । अगर अज्ञात मामले भी जोड़ लिए जाए तो ये आंकड़ा 50 लाख तक जा सकता है । और 1.7 लाख मौतें CoronaVirus से हो सकती है...


नई दिल्ली : भारत में जिस रफ्तार से CoronaVirus के मामले बढ़ रहे हैं । उसके और W.H.O के मुताबिक अगर ऐसा ही रहा तो भारत में मई के अंत तक 10 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं । और 30,000 से ज्यादा लोग मारे जा सकते है । अगर अज्ञात मामले भी जोड़ लिए जाए तो ये आंकड़ा 50 लाख तक जा सकता है । और 1.7 लाख मौतें CoronaVirus से हो सकती है...  लेकिन आप घर मत बैठना, थाली ताली के चक्कर में घर से बाहर आ कर अपनी ताक़त दिखाओ और फिर तुम लोग ही इन 1.7 लाख की संख्या को और बड़ी बना दो ।. शर्म नहीं आती तुम लोगों को? इटली में सड़कों पर पड़ी लाशें तुमको नहीं दिखती? दिखता है तो बस फ़र्जी राष्ट्रवाद जो शायेद आज तुम्हारी खुद की जान से भी कीमती बन चुका है ।  तुमको किसी एक  ताली और थाली की बात समझ आती है । लेकिन अपने परिवार और उनसे जुड़े हुए लोगों की जिम्मेदारियां नहीं? क्या घर से बाहर जा कर ही तुम राष्ट्रवादी बन पाओगे, घर में रह कर नहीं? समय कम रह गया है । सोचो वर्ना तुम्हारा परिवार जो तुमसे जुड़ा है तुमको सोचता रह जाएगा । अपनी नहीं तो अपने परिवार की ख़ातिर घर पर रहो और घर से लड़ो CoronaVirus से ।  किसी को बुरा लगे तो सॉरी लेकिन हकीकत यही है । अगर आपको यह जानकारी अच्छी और सही लगे तो दोस्तों, रिश्तेदारों में शेयर करिए । धन्यवाद ......!
भीड़ बनाकर CoronaVirus को न्योता दे रहे गंवार भक्त
लेकिन आप घर मत बैठना, थाली ताली के चक्कर में घर से बाहर आ कर अपनी ताक़त दिखाओ और फिर तुम लोग ही इन 1.7 लाख की संख्या को और बड़ी बना दो ।. शर्म नहीं आती तुम लोगों को? इटली में सड़कों पर पड़ी लाशें तुमको नहीं दिखती? दिखता है तो बस फ़र्जी राष्ट्रवाद जो शायेद आज तुम्हारी खुद की जान से भी कीमती बन चुका है ।

भीड़ बनाकर CoronaVirus को न्योता दे रहे गंवार भक्त
तुमको किसी एक  ताली और थाली की बात समझ आती है । लेकिन अपने परिवार और उनसे जुड़े हुए लोगों की जिम्मेदारियां नहीं? क्या घर से बाहर जा कर ही तुम राष्ट्रवादी बन पाओगे, घर में रह कर नहीं? समय कम रह गया है । सोचो वर्ना तुम्हारा परिवार जो तुमसे जुड़ा है तुमको सोचता रह जाएगा । अपनी नहीं तो अपने परिवार की ख़ातिर घर पर रहो और घर से लड़ो CoronaVirus से ।

किसी को बुरा लगे तो सॉरी लेकिन हकीकत यही है । अगर आपको यह जानकारी अच्छी और सही लगे तो दोस्तों, रिश्तेदारों में शेयर करिए । धन्यवाद ......!


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