Sunday, 5 April 2020

किसका सीना होगा जो तार-तार ना हो, पिता की अर्थी को कंधा देने को मजबूर बेटियाँ

नई दिल्ली : पिता की अर्थी को कंधा देते हुए आंसू बहा रही बेटियों की यह तस्वीर किसका कलेजा नहीं चीर देगी। लॉकडाउन की बंदिशों ने एक गरीब का जीवन छीन लिया तो इन बेटियों के सिर से पिता का साया। टीबी के मरीज अलीगढ़ निवासी संजय की हालत खराब हुई लेकिन आर्थिक अभाव और लॉकडाउन की बंदिशों ने इलाज से वंचित कर दिया।

गरीबी तो हमेशा से असंख्य लोगों के अरमानों और जिंदगियों का गला घोंटती रही है, अब लॉकडाइन (हालांकि ये जरूरी भी है) के हालात मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं। अलीगढ़ की यह तस्वीर तो एक उदाहरण है, लेकिन हमारे आसपास ही मानवीय त्रासदियों की ऐसी ढेरों हृदयद्रावक तस्वीरें आंखें नम करती रहती हैं। बहुत दूर न जाइए, अपने आसपास की पीड़ाओं पर अपनी सहृदयता का मरहम लगाइए, सारी दुनिया की इन तस्वीरों से पीड़ाएं खुदबखुद कम होती जाएंगी।


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