Sunday, 5 April 2020

कोरोना के दौर में मरकज़ को लेकर मीडिया के कंधे पर चढ़कर मुल्क में तमाशा हो रहा है

कोरोना महामारी के दौर में मरकज़ को लेकर मीडिया के कंधे पर चढ़कर मुल्क में तमाशा हो रहा है
हिन्दू दो बार नरेंद्र मोदी को चुनकर भी प्रोग्रेसिव होने का दिखावा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए वे "मॉडल" मुस्लिमों को "जाहिल" मुस्लिमों के नाम सद्भावना भरा वीडियो बनाने को कह सकते हैं। कभी मुझसे किसी मुस्लिम ने नहीं कहा कि जाओ मोदी के वोटरों के लिए वीडियो बनाओ।


फिलहाल स्वास्थ्य समस्याओं पर बात न करके हम उनके एजेंडे को ही आगे बढ़ा रहे हैं। ये सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य की दुश्मन है। ये इसी बात से साफ हो जाता है कि अभी उसने एक दो दिन पहले मेडिकल उपकरणों की खेप सर्बिया को निर्यात की और यहां अपने डॉक्टरों के पास जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। अस्पतालों में कोरोना मरीजों को जनरल वार्डों में भर्ती कराया जा रहा है। गोरखपुर में एक 25 साल के युवक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई और ये रिपोर्ट भी उसकी अंत्येष्टि के बाद आई।

जाहिर है आप यहां धार्मिक जड़ताओं पर प्रश्न नहीं करेंगे। समझ सकती हूं। फिलहाल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उसके सभी सिम्पटम्स से अवगत होते हुए भी सिर्फ इस बिना पर जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया क्योंकि उसकी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं थी। राष्ट्रीय मीडिया इस मामले को प्रमुखता से नहीं उठा रहा। उन्हें तबलीगी जमात मिल चुका है खेल तमाशे के लिए।


ख़ैर। मुंबई के चेंबूर इलाके में तीन दिन की बच्ची को कोरोना संक्रमण हो गया क्योंकि एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को अस्पतालकर्मियों ने जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया। भारत में संक्रमण कम्युनिटी स्तर तक पहुंच गया है लेकिन अभी भी जांच नहीं की जा रही है। आप सभी सरकार के झूठ पर मुतमईन होकर अपने घरों में धंसे रहिए और कहिए कि नरेंदर ने कोरोना को हरा दिया।
-लेखिका -Pratima Tripathi


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