Wednesday, 22 April 2020

लाश लाने के नहीं थे पैसे, गरीब पूनम के बच्चो ने पिता के पुतले का किया अंतिम संस्कार

लाश लाने के नहीं थे पैसे, गरीब पूनम के बच्चो ने पिता के पुतले का किया अंतिम संस्कार
नई दिल्ली : देश में लॉकडाउन, बाहर कोरोना वायरस तो घर में नहीं है राशन ऐसे में मासूमों के पिटा का दूर कहीं देहांत हो जाता है तो क्या बीतती होगी आप अंदाजा लगा सकते है । और जाब गांव के प्रधान और आमिर लोगों द्वारामदद से इनकार किया जाता है, तब कितनी भयावहतस्वीर आपके आँखों के सामने आती होगी ? ससे भी भयानक और दिल को झकझोर कर रखने वाली तस्वीर भी को हो सकती है ? जी हाँ हो सकती है । अगर आप एक इन्सान हा और आपके दिल में ज़रासी भी इंसानियत है तो आपके आँख से आंसू छलक जायेंगे जब आपको पता चलेगा के पूनम के पति की लाश लाने को पासे नहीं थे तो उसके दो-चार-छह साल के मासूमों ने अपने पिता के पुतले को अग्नि देकर किया अंतिम संस्कार ।

जी हाँ यह खबर है उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की, पत्रकार विक्रम चौहान बताते है इसे लॉकडाउन की मजबूरी कहें या एक मजदूर परिवार की गुरबत। गोरखपुर निवासी सुनील की दिल्ली में चेचक से मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने किसी तरह परिवार को गोरखपुर में उसकी मौत की खबर दी। गरीब पत्नी के पास पति की लाश ले जाने के लिए पैसे नहीं थे, ऊपर से लॉकडाउन। पत्नी ने ग्राम प्रधान व अन्य लोगों से मदद मांगी, लेकिन मायूसी हाथ लगी। बेबस होकर पत्नी पूनम ने पति की जगह उसके पुतले का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। यह उसी परिवार की तस्वीर है,सामने सबसे छोटे बच्चे ने अपने पिता के पुतले को अग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। इधर प्रशासन है कि मजदूर का शव उस परिवार को नहीं भेज पाया। गरीब की जिंदगी का क्या मोल है देख लो हिंदुस्तान!

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