Tuesday, 7 June 2016

बिग-बैंग थ्योरी और इस्लाम

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वैज्ञानिक इस बात से सहेमत है के सृष्टि में आकाशगंगाओं के निर्माण से पहेले भी, सृष्टि का सारा द्रव्य एक बादलों की अवस्था में मौजूद था . 
सृष्टि के इस शुरुआत के द्रव्य का विश्लेषण गैस से बहेतर शब्द "धुंवा" (Gas)है. 
और इस बात को १०० सौ साल से पहेले कोई नहीं जानता था क्यों के विज्ञान इतनी तरक्की नहीं कर सका था लेकिन...........
जिस सृष्टि को पैदा करने वाला मालिक है वो जानता था.
इसका जीकर कुरान में १४०० पहेले किया है .
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अल्लाह कहेते है 
"फिर वे आसमान के तरफ ध्यान आकर्षित हुवे जो उस वक्त सिर्फ धुंवा(gas) था, उस (अल्लाह) ने असमान और जमीन से कहा: अस्तित्व में आजाओ ! चाहे तुम चाहो या ना चाहो" दोनों ने कहा: हम आ गए है आज्ञाकारी लोगों की तरहा "
{अल-कुरआन:41, आयात 11} 
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बिग बैंग दृष्टिकोण के अनुसार ये पता चला के शुरू में ये सृष्टि "प्राथमिक रसायन" के रूप में इकट्ठा थी फिर जोर से एक धमाका हूवा और आकाश गंगा विभाजित हूवा और उसके टुकड़े चाँद, सितारों, ग्रहों,सूरज, के रूप में हूवे.
ये खोज कुछ आरसा पहेले "अलबर्ट आइन्सटीन" ने लगाई थी और इस दुनिया का बनाने वाला रब-उल-आलमीन ने खुद कुरान में 1400 साल पहेले लिख दिया था
और १४०० साल पहेले किसी इंसान के बस में नहीं था के इतनी बड़ी खोज कर सके
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'''क्या वो लोग जिन्होंने (मुहम्मद स.) का इनकार किया, गौर नहीं करते? की यह सब आकाश, धरती एक-दूसरे से मिले हुवे थे, फिर हमने (अल्लाह)ने उन्हें अलग-अलग कर दिया
(अल-कुरआन:21 आयात 30)
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""और ना ये सूरज के बस में है के वो चाँद को जा पकडे (टकराए) और ना रात दिन पर वर्चस्व ले जा सकती है, ये सब एक आकाश में तैर रहे है 
(अल-कुरआन:36 आयात:40)
इसमे बुद्धिवानो के लिए निशानियां है....
और इस तरहा इस ये सृष्टि का निर्माण हुवा, जिसे हम कुछ साल पहेले से कहेते हैं "बिग बैंग"

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