Saturday, 25 June 2016

बाबासाहब के साथ विश्वासघात, बुद्ध भूषण प्रेस जमीनदोस्त

पीएम मोदी, अठावले, और फदंविस बाबासाहब को
अभिवादन करते हुए फाइल फोटो.
राईट साइड में बुद्ध भूषण प्रेस का मलबा
दुनिया का दस्तूर है की, पुरानी और महत्वपूर्ण वस्तुए तथा किसी भी महापुरुष के निशानियो को जान से ज्यादा संभालकर रखती है वहां की सरकारे. क्यूंकि जिन महापुरुषों के वजह से हम अपनी जिंदगियां खुशहाल मना रहे है. उनकी वस्तुओ को जान से ज्यादा संभालकर रखना उन सरकारों का कर्तव्य होता है जहां वह वस्तुए होती है. 

लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने भारत के संविधान निर्माता डा. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा स्थापित ऐतिहासिक बुद्ध भूषण प्रेस पर बुलडोजर चलवाया. जिसके कारण बहुजनो में नाराजी का माहौल है. और सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र सरकार का तीव्र निषेध किया जा रहा है. याद रहे यह वही सरकार है जिसने अपने स्वार्थ के लिए बाबासाहब की 125 जयंती मनाई थी. आईये देखते है सोशल मीडिया पर दिलीप मंडल की एक टिपण्णी

नरेंद्र मोदी जी, 
ये देवेंद्र फड़नवीस, जो आपके पीछे खड़ा है, वह ठीक आदमी नहीं है. आप कहते हैं कि आप जो कुछ भी हैं, वह बाबा साहेब की वजह से हैं. वहीं इस फड़नवीस ने आज बाबा साहेब द्वारा स्थापित ऐतिहासिक बुद्ध भूषण प्रेस पर बुलडोजर चलवा दिया. दादर का आंबेडकर भवन गिरवा दिया.

मोदी जी, क्या आप पेशवा फड़नवीस को डाँट सकते हैं? - दिलीप मंडल

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