Monday, 3 February 2020

चीन ने इस्लाम को वायरस कहा, coronavirus ने उन्हें नकाब पहनने को मजबूर कर दिया

इस्लाम ज़िन्दा होता है हर कर्बला के बाद बेशक
चीन ने इस्लाम को वायरस कहा, उसने अपने देश में मज़हब ए इस्लाम को मिटाने की हर कोशिश कर डाली, चीन ने नमाज़ पर पाबंदी लगाई, रोज़े पर पाबंदी लगाई, क़ुरआन पर पाबंदी लगाई यहाँ तक फिलहाल में चीनी हुक़ूमत ने क़ुरआन के तर्जुमे को अपने हिसाब से लिखने का एलान किया।

ज़ुल्म इन्तहा पार कर दी उईगर में लाखों मुसलमानो को जेल में बंद कर दिया उनकी मज़हबी आज़ादी पर पाबन्दी लगाई, बेगुनाह मज़लूम मुसलमानो का क़त्ल किया, पूरी कोशिश की गई की चीन से इस्लाम का नामोनिशान मिटा दिया जाए। लेकिन चीन ये भूल गया कि इस्लाम मिटाने वाले ख़ुद मिट गए।

अल्लाह ताअला क़ुरआन में फरमाता है...... मफहूम
"हमने उन लोगों से ज़्यादा ताक़तवर मर्दों को हलाक़ कर दिया, और पहले के लोगों की मिसाल गुज़र चुकी है" 
अल्लाह ताअला की तरफ से हाल ही में चीन पर अज़ाब नाज़िल हुआ है जो #Crona वायरस के रूप में जाना जाता है।

चीन में इस वक़्त 35 लाख से ज़ाइद लोग अब एक यात्रा लॉकडाउन पर हैं, 3700 से ज़ाइद इस coronavirus की ज़द् में आ चुके हैं और 100 से ज़ाइद लोग मर चुके हैं।. जिस चीन ने मुस्लिम औरतो के बुर्क़े पर बैन लगाया था। आज वहां के लोग coronavirus वायरस से बचने के लिए मर्द औरत सभी हिजाब की तरह कपडे से ख़ुद् को ढके फिर रहें।

चीन के ज़ुल्म ओ सितम के ख़िलाफ आवाज़ बलन्द करने वाले मुसलमानो पर चीन प्रतिबंध लगा दिया था, आज 35 लाख से ज़ाइद चीनी नागरिकों को अन्य मुल्क़ो में सफर करने से प्रतिबन्धित कर दिया गया है। आज चीनी प्रेजिडेंट मुसलमानो से दुआ की दर्ख़ास्त कर रहे हैं..!!

इस्लाम के फितरत में क़ुदरत ने लचक दी
ये उतना ही उभरेगा जितना दबाओगे।

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