Wednesday, 3 June 2020

फोन से चाइनीज एप्प को डिलीट करना, नाखून कटा कर शहीद होने के बराबर है

फोन से चाइनीज एप्प को डिलीट करना, नाखून कटा कर शहीद होने के बराबर है
नाखून कटा कर शहीद होने के बराबर है फोन से चाइनीज एप्प को डिलीट करने-कराने की बात करना........... एक ओर तो आप चीन के उत्पादनों व प्रोडक्टों का लोगों द्वारा बहिष्कार का आव्हान करो ओर दूसरी ओर नरेंद्र मोदी जी अपने गृहराज्य में FDI के नाम पर चीनी कंपनियों को बुला बुला कर उनकी फैक्ट्रियां लगवाए !.......माफ कीजिएगा पर यह स्वीकार नही किया जाएगा...........


आप जानते है मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने चीन की कितनी यात्राएं की है ?....गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कुल चार दौरे किये थे बतौर प्रधानमंत्री के बतौर वह 5 यात्राएं कर चुके हैं......... चीन की ओर इन यात्राओं का एक ही उद्देश्य था चीनी कंपनियों को गुजरात की ओर आकर्षित करना और उसमे वे सफ़ल भी हुए हैं इस बात का आप अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि जब 2017 में गुजरात मे विधानसभा चुनाव हुए थे तो चीन के सरकारी समाचार पत्र में यह छापा गया था कि चीन चाहता है कि यह चुनाव भाजपा ही जीते......

आप यकीन नही कर पाएंगे जो आप पढ़ने जा रहे है लेकिन यह सच है........ 2017 में चीन की एसएआईसी मोटर कॉर्प गुजरात के पंचमहल जिले के हलोल में एक यात्री कार निर्माण संयंत्र लगाने की घोषणा की ओर उस संयंत्र में 2,000 करोड़ निवेश की योजना बनाई 2019 में इस फैक्टरी से उत्पादन शुरू हो गया .......कार का नाम है MG हैक्टर.......


देखादेखी गुजरात में चीन की 10 से ज्यादा कंपनियों ने भारत के ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में निवेश का फैसला लिया इन कंपनियों में चीनी ऑटोमोबाइल कंपनी 'द ग्रेट वॉल मोटर्स कंपनी लिमिटेड' 7 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने को तैयारी की, नतीजा यह है कि देश के ऑटोमोबाइल का 40 प्रतिशत चीन के हाथ मे चला गया है

ऑटोमोबाइल छोड़िए स्टील इंडस्ट्री देखिए जनवरी 2019 में चीन की Tsingshan Industries लिमिटेड ने गुजरात के इस्कॉन ग्रुप के साथ मिलकर 21,000 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात के धोलेरा में प्लांट लगाने की घोषणा की है इसका भूमि पूजन मोदी से कराने की योजना थी प्रोडक्शन शुरू करने के बाद यह भारत की सबसे बड़ी स्टील कंपनी बन जाएगी


2007 से जितने भी वाइब्रेंट समिट हुए हैं उनमें चीनी कंपनियां गुजरात सरकार के साथ एमओयू साइन करती रही हैं। इस प्रकार गुजरात में चीनी कंपनियों का दबदबा शुरू हो गया है 2015 में हुई समिट ने चीनी कंपनियों ने गुजरात में एसएमई टेक्सटाइल और औद्योगिक पार्क लगाने की घोषणा थी.......अहमदाबाद के पास सानंद में चीनी कंपनियां टेक्सटाइल पार्क बनाने की बात फाइनल हो गयी थी गुजरात सरकार ने चीन को गुजरात में टिम्बर पार्क लगाने के लिए भी चाइना एसोसिएशन ऑफ एसएमई को न्यौता दिया है

आप स्वंय जानते हैं कि 2014 से ही जोर शोर से आरएसएस द्वारा चीन के सामानों का बहिष्कार की मुहिम चलाई जा रही है लेकिन असलियत क्या है है वह ऊपर लिखी हुई है .......... आज हमे 'आत्मनिर्भर' बनने की सीख देने वाले प्रधानमंत्री मोदी स्वयं अपने गृहराज्य गुजरात मे क्या क्या गुल खिला रहे है? सब लिखा है........अब बताइये आप चीन की एप्प अपने फोन से डिलीट कर भी देंगे तो चीन को क्या फर्क पड़ जाएगा ?, ..........सोशल मीडिया पर चीनी एप्प डिलीट करने का अभियान चलाना आपको मूर्ख बना कर रखने के लिए ही चलाया जा रहा है ......बनते रहिए मूर्ख .

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