Monday, 18 July 2016

कश्मीरियों पर कहर या कुछ और ? देखे बोलती तस्वीरे

कश्मीर में बुरहान वाणी की मौत के बाद से बवाल मचा हुआ है. कश्मीर का माहौल बहुत ही खराब होने की चर्चाओं के साथ साथ कश्मीरी बच्चो, महिलाओं और बुजुर्गो पर भी सेना द्वारा अत्याचार किये जाने की खबरे सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रही है. फिलहाल कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गयी है जिससे वहां की सच्चाई सामने लाने के लिए इंटरनेट बंद होना बाधा निर्माण कर रहा है. स्थानीय अखबारों पर भी पाबंदिया लगाई गयी है जिससे वहां की खबरे मिलना और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है. भारतीय संपादक संघ ने भी मांग की है की,  द एडिटर गिल्ड आॅफ इंडिया ने कश्मीर में समाचारों पर सेन्सर खत्म किये जाने की मांग की है। भारतीय संपादक संघ ने सोमवार को कश्मीर में प्रेस पर पाबंदी की आलोचना करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर में समाचारों पर रोक हटायी जानी चाहिए।



संघ के महासचिव राज चेंगप्पा ने कहा कि मीडिया कर्मी कश्मीर में लगे प्रतिबंधों को तत्काल खत्म किये जाने की मांग करते हैं। याद रहे गत दस दिनों से भारत प्रशासित कश्मीर में इंटनेट और टेलीफोन सेवा बंद है और गत सोमवार से सरकार ने हर प्रकार के समाचार पत्र के प्रकाशन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार के पास कश्मीर मुद्दे पर छिपाने के लिए कुछ नहीं है। कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक में शिवसेना के नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि नवाज शरीफ के साथ तो चाय पर चर्चा हो गई, कभी कश्मीर के लोगों के साथ भी चाय पर चर्चा कीजिए।

इंटरनेट पर कुछ तस्वीरे साझा की गयी है जिसको देखने पर ही पता चलता है की वहां आतंकियों पर तो नहीं लेकिन छोटे-छोटे बच्चो, महिलाओं और बुजुर्गो पर अन्याय हो रहा है. टाइम्स मीडिया 24 ने एक सनसनीखेज विडियो जारी किया है जिसमे सेना के जवान साफ़ साफ़ कहते सुनाई दे रहे है की, "मार दे मार दे, दाढ़ी वाला है, दाढ़ी वाला है" विडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करे   इस विडियो को देखने पर और तस्वीरों को देखने पर तो यही पता चलता है की वहां मुसलमानों का कत्लेआम शुरू है. इसपर सब नेता लोग शान्ति की अपील कर रहे है. लेकिन शान्ति बनाए रखने के उपाय कोई नहीं निकाल रहा. 




सोशल मीडिया ही एकमेव उपाय है जो वहां की सच जानकारी से हमें रूबरू करा सकता है लेकिन उसपर भी पाबंदी लगाई जाने के कारण यह भी मुस्किल है. भोपाल समाचार पत्रिका के मुताबिक़ भोपाल में कश्मीरियों के साथ मारपीट की जा रही है और भोपाल छोड़ने की भी धमकी दी जा रही है. इससे भी यही साबित होता है की, कश्मीरी मुसलमानों को टार्गेट किया जा रहा है.  खबर पढने के लिए यहाँ क्लिक्क करे 
और ऐसे में पीएम मोदी ने सेना को निर्देश जारी किये की माहौल बिगाड़ने वालो को घरमे घुसकर मारे, सेना से अपेक्षा है की, वह उन्ही को मारेंगे जो माहौल बिगाड़ते है. 
नई दिल्ली। कश्‍मीर बीते कई दिनों से जल रहा है। सुरक्षाबलों के साथ हुए एनकाउंटर में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद जम्‍मू कश्‍मीर का माहौल इतना ज्‍यादा खराब हो गया कि यहां बीते कई दिनों से कर्फ्यूू लगा है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। लेकिन इसके बावजूद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां के अलगाववादी नेता लोगों को जिहाद की जंग के नाम पर भड़का रहे हैं।

पीएम मोदी के निर्देश
वहीं, दूसरी ओर इस मामले पर पीएम मोदी ने अपने अफ्रीका दौरे से लौटते ही एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक भी की थी। इस बैठक में पीएम ने सेना को निर्देश दिए थे कि अगर कोई माहौल बिगाड़ता है तो उसे बख्‍शा नहीं जाए। आपको बता दें कि इससे पहले मणिपुर में भी भारतीय सैनिकों पर हुए हमले के बाद पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दे दी थी कि देश के अंदर घुसकर आतंकियों को मार गिराओ।

मणिपुर में पीएम मोदी के निर्देशों के बाद सेना ने म्‍यांमार की सीमा में घुसकर कई आतंकियों को मार गिराया था। वहीं अब खबरों के मुताबिक ऐसी ही कार्रवाई पाकिस्‍तान पर भी हो सकती है। आज केन्द्रीय गृहमंत्री और सुरक्षा एजेंसियों की भी बैठक हुई है। बताया जा रहा है कि इस हमले के लिए ब्‍लूप्रिंट तैयार करने का जिम्‍मा एनएसए अजीत डोभाल को मिला है। अजीत डोभाल ने म्‍यांमार में सेना के ऑपरेशन का भी ब्‍लूप्रिंट तैयार किया था। खबर लाइव टुडे से साभार  लिंक




हम हमारे पाठको से निवेदन करते है की वह उपडेट जानकारी हमसे साझा करे और कश्मीर के माहौल पर अपनी महत्वपूर्ण राय दे, धन्यवाद 

हम आपको कुछ तस्वीरे दिखाएँगे जो सोशल मीडिया से ली गयी है इसपर भी आपके विचार की आवश्यकता है.
एक निहत्ते और शारीरिक कमजोर की पिटाई करते हुए जवान, क्या यह आतंकवादी हो सकता है ?
एक बच्ची की पिटाई करते जवान, 
अगर यह महिला आतंकवादी है तो इसके हाथ से हथियार छीन लेते, इसको गोली मार देते, दुपट्टा खींचने का क्या मतलब?
छह महीने का बच्चा मरा पडा है, बताओ इसने कौनसा गुनाह किया होगा ?
इस तस्वीर को गौर से देखिये इसमें एक चार साल का और एक दो साल का बच्चा दिखाई दे रहा है जिसको जवान बेरहमी से पिट रहे है. क्या यह अलगाववादी या आतंकवादी या फिर माहौल खराब करने वालो में से हो सकते है ?
जवान के पैरो में गिरकर अपनी इज्जत की भीख मांगती हुई, नाबालिग लड़की 
यह लड़की विकलांग है यह आपको साफ़ दिखाई दे रहा होगा, एक जवान इसको पिट रहा है, और दूसरा उसको रोक रहा है.
तीन जवान मिलकर एक महिला का दुपट्टा खींचते हुए, अपनी इज्जत को बचाने में असमर्थ महिला की आँखे झुकी हुई है.
यह लोग दुपट्टा ऐसा खिंच रहे है माने एटम बम या आधुनिक हथियार छीन रहे हो
दो लाशें गिरी हुई है, और एक आदमी जो लाशें ले जारहा है, उसको बेरहमी से पिटते जवान. क्या लाशो को उठाना भी आतंकवाद है ?
अपने परिवार पर बरस रहे कहर को आंसुओ से बयान करती मासूम बच्चिया, महिलाए और बुजुर्ग
एक दो साल का घायल बच्चा, जिसका इलाज करते एक बुजुर्ग, इन परिवारों पर क्या बिताती होगी ?
आप सभी बुद्धिजीवी पाठको से नम्र निवेदन है अपनी राय, सुझाव, उपाय जरुर दीजिये. हम उसको भी प्रकाशित करेंगे. और अपडेट जानकारी की भी आपसे अपेक्षा. जबतक हम आपसे आपकी राय जानकारी नहीं ले सकते तबतक सच्ची जानकारी को प्रकाशित करना असंभव है. और मीडिया पर से तो 99.99 प्रतिशत लोगो का भरोसा ही उठ गया है. अब हमारे पास एक ही जरिया है वह है सोशल मीडिया - अहेमद कुरेशी
(उपरोक्त सभी तस्वीरे सोशल मीडिया से साभार)

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