Wednesday, 20 July 2016

महाराष्ट्र, गुजरात, कश्मीर में भड़के पीड़ित, तेज हुआ आंदोलन, सरकार ने की शान्ति की अपील

अहमदनगर के कर्जत स्थित एक गाँव में एक नौ वी क्लास में शिक्षा ले रही मासूम बच्ची के साथ गैंग रेप के बाद बेरहमी से क़त्ल कर देने वाली घटना घटी. यह घटना निर्भया काण्ड से भी ज्यादा इंसानियत को शर्मसार करने वाली है. लेकिन इसपर मीडिया खामोश नजर आरहा है. लेकिन बहुजन समाज में इसका काफी कडा निषेध किया जा रहा है. और बलाकार और क़त्ल के आरोपियों को फांसी की सजा की मांग को लेकर महाराष्ट्र में बहुजन समाज की और से जगह जगह तीव्र आंदोलन किया जा रहा है. आपको बता दे की, जब ऐसी घटना बहुजनो के साथ घटती है तो मीडिया खामोश रहता है यह इतिहास है. और इसी के सन्दर्भ में भारतीय मीडिया का भी निषेध सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से किया जा रहा है. बहुजनो का गुस्सा जितना उन आरोपियों पर है उतना ही मीडिया पर भी साफ़ दिखाई दे रहा है. संभाजी ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष संतोष गव्हाने इन्होने इल्जाम लगाया की, मासूम बच्ची के समर्थन में उठने वाली आवाज को राज्यसभा से लेकर गाँव तक दबाने की कोशिस की जारही है.


दूसरी घटना गुजरात के उना में घटी. जहां गौरक्षा के नाम पर चार अनु-जाती एससी के युवाओं को कुछ गुंडों ने बेरहमी से पिटा. इतने पर भी नहीं रुके जालिमो ने पिटाई कर उन्हें अधमरा किया और चार चाकी वाहन से बांधकर घसीटते हुए ले गए. इस मामले में कुछ युवाओं ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिस की जिसमे से एक की मौत हो गयी है. औरो की हालात गंभीर बताई जा रही है. गुजरात में दलित समाज में भारी गुस्सा दिखाई दे रहा है, कई गाडिया तोड़ी गयी और कलेक्टोरेट के सामने मरी गायो को लाकर आन्दोलन कारियों ने कहा के "यह लो संभालो अपनी माताओं को" जहां भी मरी गाय दिखाई देती है आन्दोलनकारी उसे स्थानीय अधिकारी कार्यालय के सामने लेजाकर फेंक रहे है. चार निर्दोष की अमानुष पिटाई करने वालो के खिलाफ सख्त कारवाई कर कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर गुजरात भड़क उठा है.

उधर बुरहान वाणी के मरने के बाद से कश्मीर में आन्दोलन ने हिंसक मोड़ लिया है. इस आन्दोलन में सेना की और से पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया जिसमे सैकड़ो लोगो को अपनी आँखे गंवानि पड़ी तो कईयों को अपनी जिन्दगिया. कई दिनों से चल रहे संघर्ष में कई मासूमो की भी जाने गयी है. सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार कश्मीर में कई मासूम बच्चिया हवस का शिकार बनी कई मासूमो को अपनी जान से हाथ धोना पडा, तो कई लोग जिंदगी और मौत के बिच झूज रहे है. भारत के हालात इस समय काफी नाजुक बताये जा रहे है. हर तरफ नफरते फैली हुई है. लेकिन बुद्धिजीवी लोगो की और से बार-बार शांति की अपील की जा रही है. लेकिन आन्दोलन दिन ब दिन तेज होता जा रहा है. (खबर सोशल मीडिया पर आधारित)

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